बुधवार, 16 जून 2021

बदनाम

एक शाम को जो उसके नाम कर दिया
इस गुनाह पर गुमनाम को शहर ने बदनाम कर दिया
नम आंखो ने मुस्कुरा कर कहा मुझे, अब और कुछ नही
तूने मेरे साथ बदनाम होके मेरा काम कर दिया

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