शनिवार, 19 जून 2021

अकड़ू

प्यार के सिवा मुझे कुछ नही आना है
उसकी नाक पर गुस्से का ठिकाना है
समझाऊँ कैसे अकड़ू को, कहता है
दूर से ही बताओ तुमको जो बताना है

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

...