मेरा दिल जो बैठा जाता है संभल जाएगा
यू पल भर आकर बेरुखी से उठ चल देते हो
मेरे दर्द को समझने का हुनर तुमको कब आएगा
वक़्त लेकर आना अबकी बार, बातें कर ले दो
ऐसे तो हर सवाल मेरे दिल मे ही मर जायेगा
खताबार हूँ तो ये लो मेरा सर तेरे आगे है
कर लो वो जो तुम्हारे दिल मे आएगा
मैं नौकरानी हूँ तेरे प्यार की, गुलाम नही तेरी
मेरा प्यार तुझ सा नही, साथ आया फिर चला जायेगा
हम तुम बैठेंगे साथ तो जमाना जलेगा ही
मलाल होगा जिसको वो तो बस बड़बड़ायेगा
मैं तेरे लिए तू मेरे लिए ही बना है देख
इतनी सी बात समझने में वक़्त कितना लगाएगा
मिन्नते कर रही हूँ आज, कल किसने देखा
बाद तरसोगे एक बूँद इश्क को, ना कही आराम आएगा
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