मनवा लेखक हम तो सेवक
रहमत हुई की इल्म ने पहचाना है मुझे, हर शख्श की तक़दीर यूँ रोशन नहीं होती....
मंगलवार, 22 जून 2021
नींदे तक चली गई
कहते है अपनो को सीने से लगाओ
तो आराम आ जाता है
हमने अपना समझ लगाया तो नींदें तक चली गई
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