दृश्य : नायिका के हाथ मे तस्वीर है और अपना हाल बता रही है ।
मैं तुमको क्या बताऊँ, जब खुद ही न पता हो
कुछ खो गया है मेरा तेरे आने से
देखो, तुमको अगर मिला हो तो बता दो
सभी कहते है, मै बदली बदली सी हूँ
कुछ तो हुआ जरूर है, कमली कमली सी हूँ
बात करती हूं तो लगता है, कुछ भूल रही हूँ शायद
याद करती हूँ क्या, तुमको कुछ हो 'आइडिया' तो बता दो
नीद छोड़कर तारे गिनना भाने लगा है मुझे
हर समय कुछ गुनगुनाना आने लगा है मुझे
दरवाजा पड़ोसी का भी बजे तो उठ आती हूँ
इंतजार किसका है, उसे पहचानते हो तो बता दो
रसोई में भेजती नही मम्मी, उंगली जला लेती हूँ
लड़ने में मजा नही रहा भाई से, गाल सहला देती हूँ
पापा कहते है लगता है इसे भर्ती कराना होगा
क्या मैं बीमार हूँ, तुम क्या मानते हो बता दो
तुम जब अजनबी थे तो ही अच्छे थे
कम बोलते थे, मगर सच्चे थे
अब मैं ही बकबक करती हूँ तुमसे
क्या तुम गूंगे हो, चलो इशारे से ही बता दो
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