शनिवार, 11 मार्च 2023

 हम तुम्हे प्यार हैं करते की बुरा न मानो

भूल से भूल की है इसको गुनाह न मानो
हुजूर रूठने के बादशाह मान लिया
हमको भी हारने वाला मुरीद न जानो

आईने का अक्स

ममम अरे ओहो हम्म कहीं तुम वही तो नही,

देखकर बड़े दिखे दिखे से लगते हो 

ढेर सारी तस्वीरें, भीड़ लगी है आखों में,
याद नहीं आ रहा पर, यादों के ही लगते हो 
मुस्कुराते भी नहीं, लगता है तुम भी भूले हो मुझे  
ना जाने क्यों तुम मुझसे बुद्धू ही लगते हो 
कुछ तो कहो, शायद मन में आवाज हो कहीं 
हाय होंठ हिलते नहीं, पक्का गूंगे ही लगते हो 
पलकें झपकना, आँखे मटकना सब मुझसा है पर 
तुम मैं नहीं हो, बस मुझसे ही लगते हो 
जो मैं सह गया अबतक, तुम कबके बिखर जाते 
अरे अक्स हो न मेरे तभी तो जुड़े लगते हो
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