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मंगलवार, 25 मई 2021

ये मेरे साथ साथ रोया है

हर याद को साथ को लम्हे को 
वक़्त ने सूत में पिरोया है
मेरा साथी रहा है दिल मेरा
तेरी खातिर ये मेरे साथ साथ रोया है
तुझे कोई बेबफा कहे तो टीस कैसी है 
तू जब गैर की बाहों में जाके सोया है
नशा तेरा गया तो होश मेरा साथ गया
बुद्धू मेरी तरह है जाके अब ये खोया है
जिक्र तेरा कही न हो ये मेरी फिक्र रही
फिर भी तेरी यादों का कबाड़ ढोया है
वक़्त ने घाव दिए वक़्त ही दवा देगा
दिल से दिल को मैने आंसुओ से धोया है
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