गुरुवार, 7 मई 2015

मैं शायर तो नहीं

रहा तनहा हूँ बहुत कोई बड़ी बात नहीं
रंज किस किस का करूं कोई नई बात नहीं
हाल ख़ुद कहता हूँ खुद सुनता हूँ खुद ही समझ लेता हूँ
खुदा से जिक्र करूं ऐसी बड़ी बात नहीं

मैंने आँखों से कहा बस तेरा दीदार करे,
होंटो से चूम ले सांसों में तेरा प्यार भरे
वक़्त को रोक न पाया तो कोई बात नहीं
हर जनम तेरे लिए  साथ जिए प्यार करे 

मेरा दिल प्यार में था मुझको बताया ही नहीं
हाल ए दिल मेरे दिल ने मुझको सुनाया ही नहीं
ख़ुदकुशी खुद ख़ुशी से कर चुका किसी के लिए
तड़पता रह गया पर मुझको सताया ही नहीं

दौर गुजरे कई ऐसी गर्दिश न थी
हाँ मोहब्बत तो थी ऐसी कातिल न थी
तेरी चौखट को चूमा मिले कुछ सुकून
हूक उठती गई कोई राहत न थी

इस भरी भीड़ में क्यों मुझको ही बेजार करें 
सुर्ख आँखों के लाल डोरे मुझको ही तार तार करें 
यूँ तो देखी है कई काजल भरी आँखों की नजाकत
दिल इन्ही आँखों पे क्योँ खींचता आ प्यार करें प्यार करें

शुक्रवार, 24 मई 2013

यादें याद आती है

हर वक़्त सोचता हूँ टीस कहीं होती है
अश्क बहते नहीं पर सांसे सर्द होती है
वक़्त कटता नहीं बस काटता ही रहता है
प्यार का ऐसा अक्स प्रीत होती है
 
मोहब्बत कितनी करो काफी नहीं होती 
इस गुणा भाग में सांसे बाकी नहीं होती
उम्र घटती तो जुड़ता है आशियाना 
रात को जिस्म सोता है मगर बाहें नहीं सोती 

बस कोई दर्द चाहिए जिन्दगी के लिए
प्यार के बदले ही आये मगर किसी के लिए 
नाम लेकर अगर पहचाना तो क्या पहचाना
बात है सांस् समझ जाये किसी बू के लिए 

याद तुम्हे करके गुस्ताखी कर बैठे, 
एक हिचकी हर याद की खातिर कर बैठे
रख ली एक तस्वीर बना कर दिल पर भी
सोये तो उसे ख्वाब में शामिल कर बैठे

 क़भी दो लफ़्ज़ ही काफी हैं बताने के लिए 
कहीं कोई उम्र लग जाती है जताने में
कोई पा जाये तुझे देख पूरे दिन की ख़ुशी
तो हर्ज ही क्या है उसे देख मुस्कुराने में 

हमसफ़र

ये जो नजरें मिली ये लगा दिल गया
एक तू जो मिला ये जहाँ मिल गया
हर छुअन में बफा है हवा में महक, हर तरफ तू ही तू में मेरा 'मैं' गया
कल तलक ये हवा ये फिजा और थी
रातें छोटी थी काली  अदा और थी
अब जुदा है समां रातें रंगीन है, जैसे इसको  तेरा आसरा मिल गया
जाने कितने मिले जाने कितने गए
भूल की धुल में सब के सब मिल गए
मैंने चाहा तुझे भूल से भूलना, मेरी सांसो से पहले ये दिल रुक गया
हर मुसाफिर को इतनी दुआ चाहिए
साथी तुझ सा मेरी सी बफा चाहिए
इन निगाहों ने बरसो था ढूँढा जिसे तुझको देखा तो वो 'हमसफ़र' मिल गया
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