शुक्रवार, 18 मार्च 2022

होली

वो खुशी, खुश होने के बहाने चले गए।
 गले मिलने वाले बिन मिले ही चले गए।
 होली तो आई इस बार भी वैसे ही, 
लगता था उसके रंगों के रंग चले गए
 दूरियां बढ़ती गई उम्र के संग ऐसी
 कि सब अपने फोन में चले गए।

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