रहमत हुई की इल्म ने पहचाना है मुझे, हर शख्श की तक़दीर यूँ रोशन नहीं होती....
नज़र में रहने वाले दिल मे क्यों बस जाते है
जरा छोटे से आंसू गम खुशी में काम आते है
बफा का रास्ता है ये नज़र से दिल की दुनिया का
पलक से दिल में चलकर वो बिना पैगाम जाते है
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