मंगलवार, 25 मई 2021

क्यूं रूठ गए तुम

कोई कहता रूठ गए तुम या जाना बहुत जरूरी था
मैं कहता हूं जाना था तो कहना बहुत जरूरी था
ना कहता मैं कह लेती तुम कुछ अपनी यादें तो होती
मुझको तो बस ये कहना था मिलना बहुत जरूरी था

याद है तूझको नाम भी मेरा रेणु से पुछवाया था
बातों बातों में ही अपना नंबर मैं दे आया था
लगा उसी दिन नंबर के सपने अपने दे आया
मिस्ड ना रिंग हो जाये रातों में जगना बहुत जरूरी था

आदत मेरी बदली मेरा शौक भी हर छुड़वाया था
तेरी खातिर दुनिया को मैं चूल्हे में रख आया था
आदत मेरी तुम थी जाना और तुम मेरी सपना थी
हर दिन तुमको जिया था मैंने बस ये ही मुझे जरूरी था

अपने छुटे सपने टूटे घर बाहर सब दूर गया
प्यार हो सच्चा सब मिलता है यही मेरा गुरुर गया
तेरे कारण छोड़ दिया सब अब तुम ही जब छोड़ गए
सांसे आना जाना जिंदा रहना बस मजबूरी था

मुझको तो बस ये कहना है मिलना बहुत जरूरी था

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