तुमने जो दो लफ्जो में कहा, वो मेरी जिंदगी सा है
मैं वो समंदर रहा, जो कुछ कुछ खाली सा है
झंझट लगता है मुस्कुराना तेरे बिन अब तो
हँसना तो जैसे हम पर इक गाली सा है
बाकी दुनिया ने हमे ताने दिए सब छोड़ देते हम
पर कौन जाने तेरा जाना मेरी खुशी की खुदकुशी सा है
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